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गहलोत ने 'अबकी बार ट्रंप सरकार' नारे के लिए मोदी की आलोचना की
Wednesday, 25 September 2019 09:21

जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोला। गहलोत ने अमेरिकी शहर ह्यूस्टन में 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन में 'अबकी बार ट्रंप सरकार' नारा देने व उनका प्रत्यक्ष समर्थन देने की आलोचना की। मीडिया से बातचीत में गहलोत ने कहा, "विश्व के 70 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी प्रधानमंत्री ने एक अन्य राष्ट्र के उम्मीदवार का प्रचार किया है।"

उन्होंने कहा, "इस घटना की कड़ी आलोचना की जानी चाहिए क्योंकि हमारे प्रधानमंत्री ने एक गुटनिरपेक्ष राष्ट्र होने की हमारी विदेश नीति की उपेक्षा की है, जिसकी स्थापना (प्रथम प्रधानमंत्री) जवाहरलाल नेहरू ने की थी। उनके इस कृत्य की दुनिया में सभी के द्वारा आलोचना की जा रही है।"

उन्होंने कहा, "कल्पना करें कि ट्रंप की जगह कोई दूसरा राष्ट्रपति आता है तो भारत-अमेरिका संबंधों की क्या नियति होगी। निजी दोस्ती व राजनीतिक कदमों की अपनी निजी सीमाएं होती हैं।"

उन्होंने कहा, "मोदी व ट्रंप अच्छे दोस्त हो सकते हैं..हम इसे बुरा नहीं मानते। लेकिन एक देश के प्रधानमंत्री होने के नाते यह कार्य लोगों को स्वीकार्य नहीं है।"

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नई पीढ़ी को सोशल मीडिया के जरिए गुमराह किया जा रहा है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गहलोत ने कहा, "टीमें बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जो मोदी के लिए माहौल बनाने के लिए काम कर रहे हैं। हालांकि, बुद्धिजीवी, लेखक, पत्रकार व वैज्ञानिक उनके कार्य को समझते हैं।"

कश्मीर मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है।

उन्होंने कहा, "यह हमारा कर्तव्य है कि वहां के लोगों से संवाद के लिए रास्ता निकालें।"

उन्होंने कहा, "क्या यह देश के प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी नहीं है कि वह राष्ट्र को बताएं कि सरकार द्वारा वहां एकतरफा कार्रवाई क्यों की गई। वहां के हालात क्या हैं? उन्होंने तत्काल कार्रवाई क्यों की। प्रधानमंत्री हर मुद्दे पर राष्ट्र को संबोधित करते हैं, वह मन की बात के जरिए हर हफ्ते बात करते हैं। लेकिन इस स्थिति की पूरी दुनिया द्वारा आलोचना की जा रही है..दुनिया मानव अधिकार के हनन की आलोचना कर रही है, जो हमारे राष्ट्र के लिए चुनौती हो सकती है।"

--आईएएनएस