बसपा विधायकों के विलय से जुड़े मामले में गहलोत सरकार को हाईकोर्ट से राहत
Friday, 07 August 2020 10:19

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जयपुर: राज्य में जारी राजनीतिक संकट के बीच, राजस्थान हाईकोर्ट ने गुरुवार को बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय से संबंधित मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार को थोड़ी राहत दी है। पार्टी में छह बसपा विधायकों के विलय को चुनौती दी गई थी और इस पर स्थगन की मांग की गई थी। बहुजन समाज पार्टी(बसपा) के राष्ट्रीय सचिव सतीश मिश्रा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक मदन दिलावर की ओर से दाखिल याचिका का निपटारा करते हुए, मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महंती और न्यायमूर्ति प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ ने कहा कि एकल पीठ द्वारा जारी नोटिस को आठ अगस्त तक सभी छह बसपा वधिायकों को दिया जाना चाहिए।

पीठ ने कहा कि चूंकि सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक जैसलमेर के होटल में ठहरे हुए हैं, इसलिए जैसलमेर जिला न्यायाधीश को स्थानीय पुलिस अधीक्षक के सहयोग से यह सुनिश्वित करना चाहिए कि यह नोटिस उन्हें मिले।

अदालत ने कहा कि नोटिस को जैसलमेर के अखबारों में भी प्रकाशित करना चाहिए।

बसपा और भाजपा विधायकों ने मंगलवार को एकल पीठ के उस आदेश को चुनौती देते हुए खंडपीठ का रूख किया था, जिसमें उन्होंने छह विधायकों के कांग्रेस विधायकों की तरह क्रियाकलापों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

याचिकाकर्ता नेताओं ने कहा कि एकल पीठ ने उन्हें अंतरिम राहत नहीं दी और जारी नोटिस विधायकों तक नहीं पहुंचा, क्योंकि वे जैसलमेर में हैं। उन्होंने मांग की कि इसलिए कोर्ट को विलय के आदेश पर रोक लगानी चाहिए।

एकल पीठ ने स्पीकर, विधानसभा सचिव और छह विधायकों को 30 जुलाई को नोटिस जारी किया था और अगली सुनवाई 11 अगस्त को मुकर्रर की थी।

--आईएएनएस

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