गवर्नर से मिलने पहुंचे गहलोत, अशोक सिंह और भारत मलानी का वॉयस सैंपल देने से इनकार
Saturday, 18 July 2020 20:11

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जयपुर: राजस्थान में सियासी सरगर्मी तेज होती जा रही है। मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्‍यपाल कलराज मिश्र से मिलने पहुंचे हैं। उधर, भाजपा नेता अशोक सिंह और भारत मलानी ने फोन टैपिंग मामले की जांच के लिए अपनी आवाज के नमूने (Voice Sample) देने से इनकार कर दिया है। बता दें कि कथ‍ित खरीद फरोख्‍त के सनसनीखेज ऑडियो टेप सामने आने के बाद राजस्थान कांग्रेस और भाजपा दोनों आमने- सामने आ गए हैं। वहीं राजस्थान एसओजी भी इस मामले की तेजी से छानबीन में लग गई है। 

इस बीच जयपुर की एक अदालत ने संजय जैन को राजस्थान पुलिस के स्‍पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (Special Operations Group, SOG) की चार दिन की रिमांड पर भेज दिया है। दूसरी ओर राजस्‍थान भाजपा ने कहा है कि राज्‍य के गृह एवं मुख्‍य सचिव ने फोन टैपिंग की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। ऐसे में क्या बिना किसी आधिकारिक आदेश के फोन टैप करना हमारे नागरिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं है? भाजपा नेता गुलाब चन्द कटारिया ने कहा कि हम फ्लोर टेस्ट की मांग नहीं करते हैं लेकिन यदि अशोक गहलोत जी को लगता है कि उनके पास बहुमत है तो उन्हें इसे साबित करना चाहिए। 

भारतीय ट्राइबल पार्टी (Bharatiya Tribal Party, BTP) ने गहलोत सरकार को अपना समर्थन दिया है। बीटीपी ने शनिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात कर उन्हें अपने समर्थन का पत्र सौंपा। बीटीपी ने कहा कि वह चाहती है कि राज्‍य में जनता द्वारा चुनी हुई सरकार चले। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि BTP के दोनों विधायकों ने उनकी प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के साथ मुलाकात करके सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है। इससे पहले बीटीपी ने सचिन पायलट और अशोक गहलोत की लड़ाई में तटस्‍थ रहने की बात कही थी। बीटीपी विधायक राजकुमार रोट ने कहा कि वे सरकार के साथ खड़े हैं। 

राजस्थान में चल रही सियासी उठापठक पर बसपा प्रमुख मायावती ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा और कहा कि राज्यपाल कलराज मिश्र को राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत ने पहले दल-बदल कानून का खुला उल्लंघन और बसपा के साथ लगातार दूसरी बार दगाबाजी करके पार्टी के विधायकों को कांग्रेस में शामिल कराया और अब जग-जाहिर तौर पर फोन टैप कराके एक और गैर-कानूनी और असंवैधानिक काम किया है।

राजस्थान की पूर्व मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने सूबे में जारी सियासी घमासान पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा भाजपा नेताओं पर विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप लगाना दुर्भाग्‍यपूर्ण हैं। कांग्रेस को अपने घर की लड़ाई में भाजपा नेताओं को नहीं घसीटना चाहिए। राजस्थान की जनता को कांग्रेस की अंदरुनी कलह की कीमत चुकानी पड़ रही है। वहीं भाजपा के मौजूदा विधायक और राजस्थान विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने कहा कि सरकार गिराने की आज जैसी साजिश हो रही है, वैसी पहले कभी नहीं हुई। 

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