दिल्ली हाईकोर्ट ने कमजोर दृष्टि के दंगा आरोपी को जमानत दी
Tuesday, 17 November 2020 17:17

  • Print
  • Email

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली दंगे से संबंधित एक आरोपी को जमानत दे दी है। अदालत ने पाया कि इस तरह के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं, जिससे यह पता चले कि वह 'घटनास्थल पर मौजूद था'। हाईकोर्ट की एकल पीठ के न्यायधीश सुरेश कुमार कैत ने सैय्यद इफ्तीकार को 15,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी।

पीठ ने पाया कि इस बात पर विश्वास नहीं किया जा सकता कि इस तरह के कमजोर दृष्टि का कोई व्यक्ति रात में बिना चश्मे के कुछ स्पष्ट देख सकता है।

पीठ ने कहा, "इसके अलावा सीडीआर मौजूद नहीं है, जिससे यह पता चल सके कि याचिकाकर्ता घटनास्थल पर मौजूद था।"

पीठ ने यह भी कहा, "इसपर विवाद नहीं है कि याचिकाकर्ता की दृष्टि कमजोर(-3.75) है और जब उसे गिरफ्तार किया गया, वह चश्मा पहने हुए था। हालांकि याचिकाकर्ता को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सहआरोपी अली हसन के साथ पकड़ा गया, लेकिन तथ्य यह है कि सीसीटीवी फुटेज में याचिकाकर्ता चश्मा नहीं पहना हुआ है।"

याचिकाकार्ता को भारतीय दंड संहिता की धारा 147/148/149/436/380 के तहत गिरफ्तार किया गया था।

जमानत देते हुए, पीठ ने सैय्यद को निर्देश देते हुए कहा कि उसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी गवाह को प्रभावित करते या सबूतों के साथ छेड़खानी करते हुए नहीं पकड़ा जाना चाहिए।

--आईएएनएस

आरएचए/एएनएम

Leave a comment

Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

Don't Miss