दीपावली पर 70 फीसदी लोगों ने नहीं छोड़े पटाखे : दिल्ली सरकार
Monday, 16 November 2020 20:38

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नई दिल्ली: दिल्ली में इस बार दिवाली के दौरान और दिवाली के बाद भी पटाखे छोड़ने पर पूरी तरह प्रतिबंध था। दिल्ली सरकार के मुताबिक दिल्ली के 70 फीसदी से अधिक लोगों ने इस प्रतिबंध का पालन करते हुए दिवाली पर पटाखे नहीं छोड़े। हालांकि प्रदूषण की स्थिति खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बावजूद शेष 30 प्रतिशत लोगों ने पटाखे छोड़ने से कोई परहेज नहीं रखा। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा, "जहां तक पटाखों की बात है, तो दिवाली पर दिल्ली सरकार ने किसी भी तरह के पटाखों के जलाने पर प्रतिबंध लगाया था। दिल्ली में लगभग 70 फीसदी लोगों ने पटाखे इस बार नहीं जलाए हैं। मुझे उम्मीद है कि हम इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे तो लोगों का भी सहयोग मिलेगा। दिल्ली के अंदर जो पटाखों का धुआं है, वो अगले साल कम होगा। इसी तरह से सरकार हर चीज को लेकर एक स्थाई समाधान की तरफ बढ़ रही है। हम आगामी दिनों में दिल्ली के प्रदूषण को नियंत्रित करने में सफल होंगे।"

दिल्ली सरकार के मुताबिक इस हालात में प्रदूषण के बहुत सारे कारण हैं, दिल्ली ही नहीं पूरे उत्तर भारत में प्रदूषण खराब स्तर पर है। इसमें पराली, रोजाना होने वाले प्रदूषण समेत अन्य कारणों का योगदान है। दिवाली पर दिल्ली में तो कम पटाखे चले, लेकिन प्रतिबंध के बावजूद आस-पास के इलाकों में बहुत पटाखे चले हैं। उन सब का भी प्रदूषण में योगदान है।

दिल्ली में खतरनाक स्तर पर पहुंचे वायु प्रदूषण के बीच बीते सप्ताह एक दिन में कोरोना वायरस के 8500 केस के आए थे। पिछले दो-तीन दिन से मामले कम देखने को मिल रहे हैं। हालांकि इस दौरान पहले के मुकाबले प्रतिदिन किए जाने वाले टेस्ट भी कम हुए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने भी कहा, "10 दिन में स्थिति नियंत्रण में आएगी। मैं उम्मीद करता हूं कि आंकड़े भी उस तरफ इशारा कर रहे हैं।"

लॉकडाउन को लेकर उन्होने कहा, "मुझे नहीं लगता कि दिल्ली में लॉकडाउन की स्थितियां बनेंगी। दुनिया में कोई नहीं जानता है कि कोरोना वायरस पर कब तक काबू पाया जा सकेगा। क्योंकि जब तक इसकी दवाई और वैक्सीन लोगों के बीच नहीं आती है, इसका कोई भी अनुमान लगाना सही नहीं होगा।"

वायु प्रदूषण को कम करने के उपायों पर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने कहा, "हम सब लोग रेड लाइट पर खड़े होकर जितनी देर इंतजार करते हैं, अगर इंजन बंद करके प्रदूषण को कम करने में अपने हिस्से का योगदान देते हैं, तो हम पाएंगे कि करोड़ों लोग एक समय पर अपना योगदान देकर प्रदूषण को कम कर रहे होंगे। अपनी तरफ से प्रदूषण बढ़ाने की प्रक्रिया को कम कर रहे होंगे।"

पर्यावरण मंत्री के मुताबिक अगर रेड लाइट पर खड़ी हुई गाड़ी को 1 मिनट के लिए आप बंद कर दें तो निश्चित रूप से उससे प्रदूषण कम होगा, तो लाखों गाड़ियां हर वक्त बंद की जा रही हैं। दिन भर में ऐसे अगर देखें तो करोड़ों गाड़ियां बंद होती होंगी और उनका प्रदूषण में जो योगदान होता है, वह अपने आप कम हो रहा है।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएनएम

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