डीयू में अतिथि शिक्षकों को प्रति लेक्चर 1500 रुपये देने की मांग
Sunday, 27 September 2020 19:28

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नई दिल्ली: शिक्षक संगठन दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन ( डीटीए ) ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर व एक्जीक्यूटिव काउंसिल (ईसी) के सदस्यों से मांग की है कि नॉन कॉलेजिएट वीमेंस एजुकेशन बोर्ड में अतिथि शिक्षकों को दिया जाने वाला 1500 रु. प्रति लेक्च र स्वीकृत किया जाए। अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे ईसी में पास नहीं किया है। शैक्षिक सत्र 2019-20 में ली गई कक्षाओं के लिए अतिथि शिक्षकों को मानदेय 1000 प्रति लेक्च र दिया गया, जबकि रेगुलर कक्षाओं व एसओएल में 1500 प्रति लेक्च र दिया जा रहा है। ईसी की 30 सितम्बर को हो रही मीटिंग में नॉन कॉलेजिएट के अतिथि शिक्षकों का मानदेय 1500 रु. प्रति लेक्च र करने की मांग की है।

दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन के प्रभारी प्रोफेसर हंसराज सुमन ने कहा, यूजीसी ने जनवरी 2019 में अतिथि शिक्षकों का मानदेय 1000 रु. प्रति लेक्च र से बढ़ाकर 1500 किया था।शैक्षिक सत्र 2019-20 में अतिथि शिक्षक संबंधी यूजीसी गाइडलाइंस को स्वीकार करते हुए डीयू से सम्बद्व कॉलेजों, विभागों व एसओएल अपने अतिथि शिक्षकों को 1500 रुपये प्रति लेक्च र दे रहा है लेकिन नॉन कॉलेजिएट में अभी तक 1000 रुपये ही दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया है कि अगस्त 2019 से जनवरी 2020 में पढ़ाने वाले अतिथि शिक्षकों को मानदेय 1000 रु. प्रति लेक्च र के हिसाब से दिया गया जबकि शिक्षकों से मानदेय फॉर्म 1500 रु. प्रति लेक्च र के हिसाब से भरवाया गया। लेकिन उन्हें 500 रुपये काटकर दिए गए और कहा कि बाद में दिए जाएंगे। उनका कहना है कि कोरोना महामारी के समय जहाँ शिक्षकों को पैसे की बहुत आवश्यकता थीं उन्हें 500 रुपये कम देना शिक्षकों के साथ अन्याय है।उन्होंने शिक्षकों की बकाया राशि का जल्द भुगतान करने की मांग की है।

प्रोफेसर सुमन ने कहा, दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या कई लाख है। सबसे ज्यादा अतिथि शिक्षक एसओएल में उसके बाद नॉन कॉलेजिएट वीमेंस एजुकेशन बोर्ड में रखे जाते हैं। एसओएल में पिछले सितंबर से शिक्षकों को मानदेय नहीं दिया गया है और नॉन कॉलेजिएट ने सितंबर-दिसंबर सत्र 2019 का जो मानदेय दिया है वह 500 रुपये प्रति लेक्च र काट कर यानि एक दिन में दो कक्षाएं पढ़ाने को मिलती है तो 3000 रुपये बनते उसके 2000 रुपये दिए गए।

डीटीए के मुताबिक शिक्षकों से जो बिल भरवाए गए वह 1500 प्रति कक्षा के हिसाब से भरवाया गया था। विश्वविद्यालय ने जो 500 रुपये की कटौती की इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई । बोर्ड की निदेशक को भी इस संदर्भ में अवगत कराया गया है। डीटीए ने कहा कि बोर्ड की निदेशक ने कहा है कि आगामी ईसी की मीटिंग में 1500 प्रति लेक्च र का नोट्स भेजा गया है जो जल्द ही पास हो जाएगा।

-- आईएएनएस

जीसीबी/जेएनएस

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