मप्र को 'मोस्ट इम्प्रूव्ड' राज्य का अवार्ड
Saturday, 28 November 2020 10:51

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भोपाल: मध्य प्रदेश के सकल मूल्य वर्धित (जीवीए) में बड़ी हिस्सेदारी कृषि की है। यही कारण है कि राज्य को 'मोस्ट इम्प्रूव्ड' अवार्ड से नवाजा गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन पुरस्कारों का श्रेय किसानों को दिया है। राज्य के सकल मूल्य वर्धित में कृषि क्षेत्र का योगदान 45 प्रतिशत है, जबकि निर्माण क्षेत्र का योगदान 20 प्रतिशत है, एवं सेवा क्षेत्र का योगदान 35 प्रतिशत है। कृषि मध्यप्रदेश की सबसे प्रमुख आर्थिक गतिविधि है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इंडिया टुडे पत्रिका समूह के एसोसिएट एडिटर राहुल नरोन्हा ने भोपाल में 'मोस्ट इम्प्रूव्ड' राज्य का अवार्ड प्रदान किया। इस अवसर पर संचालक जनसंपर्क आशुतोष प्रताप सिंह व अन्य उपस्थित थे।

पत्रिका द्वारा करवाए गए मूल्यांकन में 'मोस्ट इम्प्रूव्ड' राज्य की श्रेणी में मध्यप्रदेश 320 में से 258.6 अंक प्राप्त कर भारत का प्रथम राज्य रहा। वहीं पंजाब को बेस्ट परफार्मिग राज्य की श्रेणी में 271.6 अंक के साथ देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।

मध्यप्रदेश में कृषि क्षेत्र में गत पांच वर्षों में 70 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2014-15 में मध्यप्रदेश का सकल मूल्य वर्धित (जीवीए) 1 लाख 30 हजार 946 करोड़ रूपए था, वहीं वर्ष 2019-20 में यह बढ़कर 2 लाख 21 हजार 86 हो गया है। कृषि क्षेत्र में इतनी अधिक वृद्धि गत तीन वर्षो में देश के किसी राज्य में नहीं हुई।

बताया गया है कि भोपाल, रायसेन, सीहोर, होशंगाबाद, हरदा एवं रायसेन जिलों में खरीफ में बासमती धान की खेती ने किसानों की आय में वृद्धि की है। कृषि क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि में सिंचाई सुविधाओं का निरंतर विकास एवं बिजली की पर्याप्त आपूर्ति है। इससे रबी के संचित क्षेत्र में अत्यधिक वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पूर्व में भी मध्य प्रदेश को कृषि क्षेत्र में कई अवार्ड मिले हैं। मैं प्रदेश के किसानों को इन पुरस्कारों का श्रेय देता हूं। वर्ष 2005 में ही हमने तय किया था कि मध्य प्रदेश में कृषि को लाभ का धंधा बनाने का हर संभव प्रयास करेंगे।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कृषि उत्पादन बढ़ाने लिए सिंचाई और बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। खाद-बीज की समय पर बेहतर वितरण व्यवस्था की गई। साथ ही किसानों को बोनस प्रदान करना, आधुनिक पद्धतियों के प्रति आकर्षित करना, रिज एंड फेरो पद्धति और शून्य प्रतिशत ब्याज की व्यवस्था आदि से कृषि क्षेत्र में वृद्धि हुई। उत्पादन का किसानों को उचित दाम दिलवाया गया।

--आईएएनएस

एसएनपी/एएनएम

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