मप्र में अब भाजपा के निशाने पर कमल नाथ
Wednesday, 25 November 2020 19:26

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भोपाल: मध्य प्रदेश में उप-चुनाव के बाद भाजपा ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और सीधे तौर पर उन पर हमले बोले जा रहे हैं। भाजपा को कमलनाथ पर हमला करने का नया हथियार आयकर विभाग की एक कथित रिपोर्ट मिली है।

राज्य की सियासत में कभी कमल नाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस के प्रमुख नेता हुआ करते थे। सिंधिया ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया तो दूसरी ओर राज्य की सियासत से दिग्विजय सिंह की दूरी बढ़ गई। अब पूरी कांग्रेस कमल नाथ के इर्द-गिर्द घूम रही है। यही कारण है कि भाजपा ने अब सीधे तौर पर कमल नाथ को निशाना बनाया है।

पिछले दिनों आयकर विभाग की एक रिपोर्ट के आधार पर मीडिया ने एक मामले से कमल नाथ के जुड़े होने का खुलासा किया। इस मामले ने भाजपा को कमल नाथ पर हमला करने का एक बड़ा हथियार दे दिया है।

राज्य के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कमलनाथ पर हमला बोला है और कहा है कि, "कमल नाथ सरकार के काल में मप्र से कांग्रेस मुख्यालय 24, अकबर रोड को भेजी गई राशि का आंकड़ा बढ़कर 336 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इस मामले में सफाई देने के बजाय कांग्रेस, उल्टे भाजपा सरकार के मंत्रियों की जांच कराने की मांग कर रही है।"

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस प्रवक्ता अजय यादव का कहना है कि, "राज्य की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई है और सरकार अपने वादे पूरे करने की स्थिति में नहीं है, इसलिए बगैर किसी आधार के आरोप लगा रहे हैं। इसके पीछे उनका सिर्फ एक ही मकसद है कि जनता का ध्यान वास्तविक समस्याओं से दूर रहे। सरकार को बताना चाहिए कि भाजपा अपनी घोषणाओं पर कितना अमल कर रही है, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जो वादे किए उनका क्या हो रहा।"

राजनीतिक के जानकारों का मानना है कि भाजपा ने पूरी तरह कांग्रेस को घेरने की रणनीति बनाई है और उसी के तहत आगे बढ़ रही है। उप-चुनाव में भी कमल नाथ और उनकी पूर्ववर्ती सरकार रही थी। भाजपा यह मानती है कि दिग्विजय सिंह के सामने आने से उसे लाभ ही होगा, यह बात ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी कही थी कि दिग्विजय सिंह के सामने आने से भाजपा को ही लाभ होगा। यही कारण है कि अब भाजपा कमल नाथ को निशाने पर ले रही है। कमल नाथ को घेरने में भाजपा सफल हो जाती है तो कांग्रेस के पास ऐसा कोई बड़ा नेता सामने नहीं होगा, जिसके जरिए वह भाजपा का मुकाबला कर सकने की स्थिति में हो।

--आईएएनएस

एसएनपी/एएनएम

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