डेटिंग एप पर युवती ने छात्र से न्यूड चैट की, फिर करने लगी ब्लैकमेल
Friday, 29 May 2020 08:03

  • Print
  • Email

ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में डेटिंग एप के जरिये छात्र को ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। डेटिंग एप 'मेरी' पर युवती ने छात्र से दोस्ती की। उससे प्यार का इजहार कर न्यूड चैट के लिए आमंत्रित किया। दोनों ने न्यूड चैट की। इसके बाद न्यूड चैट के सारे वीडियो और फोटो छात्र के वॉट्सएप पर पोस्ट कर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। जब ब्लैकमेलिंग बढ़ी तो छात्र ने सायबर सेल में शिकायत की।

लक्ष्मीगंज निवासी 18 वर्षीय युवक बीकॉम फ‌र्स्ट ईयर का छात्र है। करीब 20 दिन पहले उसने डेटिंग एप 'मेरी' डाउनलोड किया। यह एप फ्री था। एप पर छात्र को आसपास की लोकेशन की कुछ लड़कियों, महिलाओं की जानकारी (च्वाइस) दी गई। इस पर एक युवती से छात्र की बात शुरू हुई। युवती ने खुद को ग्वालियर का ही बताया और चैटिंग शुरू की। तीन दिन बाद ही प्यार का इजहार कर दिया। युवती ने छात्र से फोटो भी मांगा। छात्र ने भी उसे अपना फोटो भेज दिया। 

करीब 15 दिन पहले युवती ने छात्र को न्यूड चैट (निर्वस्त्र होकर बातचीत) का ऑफर दिया। छात्र तैयार हो गया। पहले युवती ने लाइव न्यूड चैट शुरू की। फिर छात्र को भी ऐसा ही करने को कहा। जब छात्र ने ऐसा किया तो उसका पूरा वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया। अगले दिन पूरा वीडियो छात्र के वॉट्सएप पर पोस्ट किया गया। साथ ही छात्र को धमकाया गया कि उसने 20 हजार रुपये नहीं दिए तो सोशल मीडिया, फेसबुक सहित अन्य सभी जगह यह वीडियो वायरल कर दिया जाएगा।

यह देख छात्र के होश उड़ गए। वह गिड़गिड़ाने लगा और बोला कि मैं छात्र हूं, 1 हजार या 2 हजार रुपये से ज्यादा नहीं रहते हैं। इस पर 2-2 हजार रुपये कर उनके खाते में डालने के लिए कहा। एक पेटीएम नंबर भी दिया। एक बार छात्र ने रुपये डाल भी दिए, लेकिन उसके 2 दिन बाद फिर रुपयों की मांग की गई। इस बार छात्र ने हिम्मत दिखाई और सायबर सेल में शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सायबर पुलिस के एक्सपर्ट के मुताबिक, इस तरह लोगों को ब्लैकमेल नाइजीरियन गैंग (गिरोह) करती है। यह गैंग इसी तरह डेटिंग एप के माध्यम से लोगों को जाल में फंसाकर ब्लैकमेल कर लाखों रुपये हड़पती है। इस तरह के मामले दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में आम हैं। अब ग्वालियर में भी इस तरह के केस काफी सामने आ रहे हैं। लोग बदनामी के डर से पुलिस तक नहीं पहुंचते हैं।

Leave a comment

Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

Don't Miss