मिजोरम में सकूल में आग लगाई, जनजाति का घर ढहाया
Saturday, 27 February 2016 19:53

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आइजॉल: मिजो छात्रों के समूह ने लुंगलेई जिले के तुईचवांग छुआह गांव में एक प्रथमिक स्कूल में आग लगा दी और एक चकमा जनजाति के घर को ढहा दिया। लुंगलेई जिले के आधिकारिक बयान में शनिवार को यह जानकारी दी गई। भेदभाव विरोधी चकमा गठबंधन ने अपने बयान में कहा कि वे इस घटना की चर्चा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से करेंगे। उनके अनुसार भारत में अल्पसंख्यकों के अधिकारों का मुद्दा वह अक्सर उठाती रहती हैं। 

इस घटना की पुष्टि करते हुए लुंगलेई जिले के उपायुक्त अभिजीत बिजोय चौधरी ने आईएएनएस से फोन पर कहा कि वह इससे संबंधित किसी प्रकार की विस्तृत जानकारी नहीं उपलब्ध करा सकते।

उधर, चकमा गठबंधन के अध्यक्ष पारितोष चकमा ने अपने बयान में कहा कि मिजो छात्रों के समूह ने अल्पसंख्यक चकमा जनजातियों के 49 परिवारों को गांव से भगाने के लिए पहले एक प्राथमिक स्कूल में आग लगा दी और उसके बाद एक चकमा जनजाति के घर को ढहा दिया। 

उन्होंने कहा कि विगत चार दशकों से चकमा जनजाति इस गांव में रहते हैं। सरकार ने उन्हें राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और उनके घरों में बिजली तक उपलब्ध कराए हैं। गांव में स्कूल और अन्य कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। 

पारितोष ने कहा, "पिछले 17 दिसम्बर को अतिरिक्त उपायुक्त ने 49 चकमा परिवारों को तुईचवांग छुआह गांव छोड़ने का नोटिस दिया था जिसके खिलाफ गुवाहाटी उच्च न्यायालय में लोगों ने याचिका दायर की। उच्च न्यायालय ने गांव खाली करने के आदेश पर रोक लगा दी।"

लेकिन उच्च न्याालय के स्थगन आदेश के बावजूद मिजोरम सरकार चकमा जनजातियों को सुरक्षा देने में अब तक विफल रही है। अब यह मुद्दा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के समक्ष उठाया जाएगा और उनसे कहा जाएगा कि उनकी पार्टी की सरकार अल्पसंख्यक चकमा जनजाति के साथ क्या कर रही है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस। 

 

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