नई दिल्ली: हरियाणा के रोहतक में अपने ससुर की हत्या करने और फिर दिल्ली में अपनी महिला मित्र को गोली मारने के दो दिन बाद दिल्ली पुलिस के 35 वर्षीय सब-इंस्पेक्टर संदीप दहिया ने मंगलवार को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। दिल्ली के उत्तरी जिले में आत्मसमर्पण करने से पहले उसने एक व्हाट्सएप नोट भी लिखा था। इसमें सब-इंस्पेक्टर ने वे कारण बताए जिसके कारण उसने अपने ससुर की हत्या की और दिल्ली में अपनी प्रेमिका पर गोलियां चलाईं। अब वह हिरासत में है और उससे पूछताछ चल रही है।

दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर संदीप दहिया ने दिल्ली में झगड़े के बाद अपनी सर्विस रिवॉल्वर से प्रेमिका को गोली मारकर उसे जख्मी हालत में छोड़कर फरार हो गए थे। बाद में उन्होंने रोहतक पहुंचकर ससुर की गोली मारकर हत्या कर दी।

पुलिसकर्मी और उसकी पत्नी कई साल से अलग रह रहे हैं। दहिया एक साल से अन्य महिला के साथ संबंध में था, जिसे उसने रविवार को झगड़े के दौरान कथित तौर पर गोली मारी और उत्तरी दिल्ली के अलीपुर इलाके में जीटी करनाल रोड पर सड़क किनारे छोड़ दिया था।

पुलिस के मुताबिक, दहिया ने महिला को तब गोली मारी जब वे दोनों उसकी कार के अंदर लड़ रहे थे। इस महिला को एक अन्य सब-इंस्पेक्टर जयवीर ने बचाया, जो उस वक्त वहां से गुजर रहा था।

पुलिस के अनुसार संदीप दहिया 2006 में कांस्टेबल के रूप में दिल्ली पुलिस में शामिल हुए और परीक्षा पास करने के बाद 2010 में सब-इंस्पेक्टर बन गए। वे हरियाणा के जिला सोनीपत के ग्राम सिसाना के रहने वाले हैं। दाहिया के खिलाफ रोहतक में भी एक मामला दर्ज किया गया है।

--आईएएनएस

एसडीजे-एसकेपी

नई दिल्ली: तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों और विभिन्न विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि जो अपने गुस्से को दिखाने के लिए कृषि उपकरण जला रहे है, वे 'किसानों का अपमान कर रहे हैं।' प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष किसानों द्वारा पूजे जाने वाले मशीनों और उपकरणों में आग लगाकर किसानों का अपमान कर रहा है। उन्होंने उत्तराखंड में सीवेज ट्रीट के लिए 'नमामि गंगे' परियोजना के तहत छह परियोजनाओं का उद्घाटन करने के दौरान यह बात कही।

उनकी टिप्पणी भारतीय युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक समूह द्वारा दिल्ली में ट्रैक्टर में आग लगाने के एक दिन बाद आई है।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए मोदी ने आरोप लगाया कि अब नए कृषि कानूनों का विरोध करने वालों ने सत्ता में होने के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागू करने के पक्ष में बात की थी, लेकिन ऐसा कभी नहीं किया।

प्रधानमंत्री ने कहा, "यह हमारी एनडीए सरकार द्वारा एमएस स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार किया गया है।"

उन्होंने विपक्ष पर किसी का नाम लिए बिना एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के मुद्दे पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया और दोहराया कि एमएसपी तब भी रहेगा जब किसानों को अपनी उपज मनचाही जगह बेचने की आजादी होगी।

मोदी ने कहा, "कुछ लोग इस स्वतंत्रता को (किसानों की) बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। उनके लिए काला धन कमाने का एक और तरीका समाप्त हो गया है।"

मोदी ने फिर से कृषि क्षेत्र और श्रम सुधारों पर नए कानूनों के डर को दूर करने की कोशिश की।

उन्होंने कहा, "संसद के मॉनसून सत्र के दौरान किसानों, मजदूरों और स्वास्थ्य से संबंधित कई सुधार लाए गए थे। ये सभी सुधार केवल मजदूरों, युवाओं, महिलाओं और किसानों को मजबूत करेंगे। देश इस बात का भी गवाह है कि कैसे कुछ लोग महज विरोध करने के लिए इनका विरोध कर रहे हैं।"

प्रधानमंत्री ने गंगा नदी की सफाई के लिए पर्याप्त कार्य नहीं करने के लिए भी पहले की सरकारों पर कटाक्ष किया।

उन्होंने कहा, "पिछले दशकों में, नदी को साफ करने के लिए बड़ी पहल की गई थी। लेकिन उन पहलों में सार्वजनिक भागीदारी या दूरदर्शिता की कमी थी। परिणामस्वरूप, नदी कभी साफ नहीं हो पाई।"

--आईएएनएस

वीएवी-एसकेपी

हैदराबाद: तेलंगाना में पिछले 24 घंटों में कोरोनावायरस के संक्रमण से ज्यादा रिकवरी देखी गई। राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों ने मंगलवार को ये जानकारी दी। राज्य में पिछले 24 घंटों में 2,259 मरीज इस बीमारी से उबरे, जबकि 2,072 लोग संक्रमित हुए।

राज्य में कोविड-19 से नौ और लोगों की मौत हुई जिसके बाद कुल मौतों की संख्या 1,116 हो गई है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में मृत्यु दर 0.58 फीसदी है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर ये आंकड़ा 1.57 प्रतिशत है।

राज्य में कुल मामलों की संख्या 1,89,283 हो गई है, जिसमें से 23,934 मरीज घर पर ही आइसोलेशन में हैं। अब तक यहां 1,58,690 मरीज कोविड-19 से ठीक हो चुके हैं। रिकवरी रेट 83.83 फीसदी हो गई है, जो कि राष्ट्रीय स्तर पर 82.88 प्रतिशत है।

तेलंगाना में पिछले 24 घंटों में 54,308 नमूनों की जांच की गई।

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद सबसे संक्रमित जिला बना हुआ है। यहां पिछले 24 घंटों में कोरोनावायरस के 283 नए मामले सामने आए। इसके बाद नंबर आता है रंगारेड्डी (161) और मेडचल मल्काजगिरी (160) का।

--आईएएनएस

एसकेपी

नई दिल्ली: सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ड्रग एंगल की छानबीन कर रही एजेंसी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने कोर्ट में कहा कि अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती ड्रग सिंडिकेट की एक्टिव मेंबर थीं, जिसमें हाई सोसायटी के कई जाने-माने लोग और ड्रग सप्लायर्स शामिल रहे हैं। एनसीबी ने कहा है कि ड्रग का सेवन करने के मामले में रिया चक्रवर्ती दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत को बढ़ावा देने की आरोपी हैं।

एजेंसी ने बताया, "सम्पूर्ण परिदृश्य को देखते हुए यह सामने आता है कि रिया चक्रवर्ती इस बात से अवगत थीं कि सुशांत सिंह राजपूत ड्रग का सेवन करते थे और इस दौरान न केवल उन्हें ऐसा करने का बढ़ावा दिया गया बल्कि उनसे पूरी बात भी छिपाई गई।"

यह सुशांत की मौत में रिया की भूमिका के बारे में अब तक का सबसे सनसनीखेज खुलासा है।

एनसीबी ने एक बार फिर से रिया चक्रवर्ती की जमानत याचिका का विरोध किया और कहा कि उनके खिलाफ ऐसे कई सबूत मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि वह ड्रग ट्रैफिकिंग में शामिल रही हैं।

एनसीबी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एक आपराधिक साजिश के तहत रिया ने ड्रग्स के लेन-देन के लिए अन्य अभियुक्तों का समर्थन किया, उन्हें ऐसा करने के लिए बढ़ावा दिया और पैसे से भी उनकी मदद कीं।

एनसीबी के जोनल निदेशक समीर वानखेड़े द्वारा बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर एक हलफनामे में रिया ने बयान दिया है कि उन्होंने सैमुएल मिरांडा और दीपेश सावंत को उन ड्रग्स के पैसे चुकाए हैं, जिन्हें बाद में सुशांत को सेवन के लिए दिया गया।

एनसीबी ने कहा कि यह साफ है कि जिन ड्रग्स के लिए पैसे चुकाए गए थे, वे निजी उपयोग के लिए नहीं थे बल्कि ऐसा किसी और को इनकी आपूर्ति कराए जाने के लिए किया गया और यह एनडीपीएस 1985 की धारा 27ए के तहत आता है।

एनसीबी ने एक हलफनामे में कहा है कि जांच एक महत्वपूर्ण चरण में है और अगर इस वक्त रिया को जमानत मिल जाती है, तो इससे छानबीन बाधित होगी।

एनसीबी ने कहा कि रिया मादक पदार्थो की तस्करी में शामिल रही है, यह साबित करने के लिए कई सबूत हैं। वह ड्रग पहुंचाने के काम में न सिर्फ मदद देती थीं बल्कि क्रेडिट कार्ड, नकद और ऐसे ही कई माध्यमों से इनका भुगतान भी करती थीं।

एजेंसी ने आगे कहा कि रिया ने अपने घर पर ड्रग्स को रखने और सुशांत को सेवन करने की भी अनुमति दीं।

एनसीबी ने कहा कि यह मामला अब एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टांसेस एक्ट) के तहत भी आता है और इसलिए इस पर अब इनका भी अधिकार है।

--आईएएनएस

ज्यूरिख: विश्व फुटबाल की नियामक संस्था फीफा ने पैराग्वे के क्लब ओलम्पिया के अध्यक्ष मार्को ट्रोवाटो पर मैच फिक्सिंग के कारण आजीवन प्रतिबंध लगाया है। प्रतिबंध के अलावा मार्को पर 100,000 स्वीस फ्रैंक का भी जुमार्ना लगाया गया है। फीफा ने एक बयान में यह बात कही।

फीफा की अनुशासन समिति ने 41 साल के मार्को को फुटबाल मैच और टूर्नामेंट में परिणामों को प्रभावित करने का दोषी पाया है। इसके अलावा अनुशासन कार्यवाही में साथ न देने का भी दोषी पाया है।

बयान में कहा गया है, "मार्को को सजा देने का फैसला 2018 से 2019 के बीच हुए मैचों को देखते हुए लिया गया, जब वह क्लब के अध्यक्ष थे।"

2014 तक एसनशिओन क्लब के अध्यक्ष भी रहे। उनके पास प्रतिबंध के खिलाफ अपील करने के लिए 10 दिन का समय है।

--आईएएनएस

एकेयू-एसकेपी

 

 

 

गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले के माझागढ़ थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक हिंदी दैनिक के पत्रकार राजन पांडेय को अपराधियों ने गोली मार दी और फ रार हो गए। गोली लगने से पत्रकार गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि माझागढ़ थाना क्षेत्र के पुरानी बाजार क्षेत्र में पत्रकार राजन पांडेय अपने घर से सुबह निकलकर कहीं जा रहे थे, तभी बुलेट बाइक पर सवार होकर आए तीन लोगों ने उन्हें गोली मार दी।

गोली लगने के बाद राजन वहीं पर गिर गए। घयल स्थिति में पत्रकार को स्थानीय लोगों की मदद से गोपालगंज सदर अस्पताल लाया गया, जहां से प्राथमिक इलाज के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें गोरखपुर के लिए रेफ र कर दिया गया।

गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार तिवारी ने बताया कि पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि घायल राजन ने दो आरोपियों के नाम बताए हैं। उन्होंने बताया कि घटना के कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है, पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

--आईएएनएस

एमएनपी-एसकेपी

मनाली: हिमाचल प्रदेश के लाहौल घाटी में रोहतांग दर्रे के नीचे बनाई गई 9.2 किलोमीटर लंबी घोड़े के नाल के आकार की सिंगल-ट्यूब, टू-लेन अटल टनल (सुरंग) का निर्माण पूरा होने के साथ क्षेत्र में समृद्धि आने की एक उम्मीद जगी है। यहां हर सर्दियों में 20,000 लोग देश के बाकी हिस्सों से कट जाते हैं।

यह भारत की रणनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक है।

चूंकि यह घाटी को दुनिया के बाकी हिस्सों के करीब लाती है, यहां तक कड़कड़ाती सर्दियों के महीनों के दौरान भी जब यह क्षेत्र बर्फबारी से ढक जाता है, तो यहां के लोग सुरंग के उद्घाटन के साथ निरंतर आपूर्ति, व्यापार और पर्यटन को लेकर उत्सुक हैं, जिसका नाम रोहतांग दर्रे के नाम पर पहले रोहतांग टनल था।

रक्षा मंत्रालय की एक शाखा, बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) द्वारा एफकॉन्स के सहयोग से इसका निर्माण किया गया है। 3 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे।

सुरंग का उत्तर पोर्टल लाहौल और स्पीति जिले की ओर है, जबकि दक्षिण पोर्टल मनाली से लगभग 30 किलोमीटर दूर धुंदी की ओर है।

केलांग के 80 साल के किसान बिधि चंद ने फोन पर आईएएनएस को बताया, "हम उस सुरंग के पूरा होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, जिसे शुरू में 2015 तक पूरा करने का प्रस्ताव था।"

उन्होंने कहा, "यह हमारी परेशानियों को हमेशा के लिए खत्म कर देगा।"

सिसु गांव के हीरा सिंह ने कहा, "हम खुश हैं कि कम से कम अपने जीवनकाल में, हम उस सुरंग को देख पाएंगे जो लाहौल के लोगों के लिए राज्य के बाकी हिस्सों के साथ हर मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने वाली है।"

सिसु वह स्थल है जहां स्थानीय लोग पारंपरिक कपड़े पहनकर गर्मजोशी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करेंगे। वह दक्षिण पोर्टल पर सुरंग का उद्घाटन करने के बाद एक छोटी जनसभा को संबोधित करने के लिए वहां पहुंचेंगे।

दक्षिण पोर्टल की ओर 10 मिनट से भी कम समय में 9.2 किलोमीटर लंबी सुरंग को पार करने के बाद मोदी सिसु की ओर बढ़ेंगे।

वह सुरंग की दक्षिण पोर्टल की ओर सोलंग घाटी में अपनी दूसरी और आखिरी छोटी जनसभा में भाग लेंगे।

सुबह मोदी सुबह 9.30 बजे मनाली के पास हिमपात और हिमस्खलन अध्ययन प्रतिष्ठान (एसएएसई) के हेलीपैड बेस पर उतरेंगे।

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की चेयरपर्सन सोनिया गांधी द्वारा 28 जून, 2010 को मनाली के पास सुरम्य सोलंग घाटी में 1,495 करोड़ रुपये की लागत वाले सुरंग का शिलान्यास किया गया था।

सुरंग जोकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का एक सपना था और जिसका नामकरण मरणोपरांत उनके नाम पर किया गया, इसका निर्माण फरवरी 2015 तक पूरा होना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका था।

बीआरओ के अनुसार, देरी के बावजूद सुरंग का निर्माण 4,083 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि में से 3,200 करोड़ रुपये के भीतर पूरा हो गया।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर, जो मोदी की यात्रा को ऐतिहासिक बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं, लेकिन कोविड के समय को देखते हुए, उन्होंने कहा कि लाहौल घाटी के ठंडे स्थानों के लिए यह सुरंग एक वरदान साबित होगी, जहां 20,000 लोग कड़ाके की सर्दी में देश के बाकी हिस्सों से कटे हुए रहते हैं।

उन्होंने कहा कि सख्त 'फिजीकल डिस्टेंसिंग' मानदंडों को सुनिश्चित करने के लिए समारोह को बड़े पैमाने पर नहीं मनाया जा रहा है।

सुरंग के कारण मनाली और केलांग के बीच यात्रा के समय को कम करने और लगभग 46 किलोमीटर दूरी को कम करने के अलावा सुरंग से होकर किसी भी मौसम में प्रतिदिन 3,000 वाहन गुजर सकते हैं।

होटल व्यवसाय से जुड़े नकुल बोध ने कहा कि सुरंग के निर्माण से लाहौल घाटी में सालभर पर्यटकों की आवाजाही सुनिश्चित होगी, जिससे स्थानीय समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।

--आईएएनएस

वीएवी-एसकेपी

काठमांडू: नेपाल आर्मी (एनए) के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएएस) पूर्ण चंद्र थापा, अपने सरकारी आवास पर स्टाफ के एक सदस्य के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद होम क्वांरटीन में चले गए हैं। द हिमालयन टाइम्स ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट में लिखा कि सेना के जनसंपर्क निदेशालय के अनुसार, सीओएएस रविवार को स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रोटोकॉल के अनुसार क्वारंटीन में चले गए हैं। स्टाफ के इस सदस्य का परीक्षण एक दिन पहले ही पॉजिटिव आया था।

थापा और उप प्रधानमंत्री ईशोर पोखरेल एक बार पहले भी क्वारंटीन में रह चुके हैं। उस समय कोविड-19 क्राइसिस मैनेजमेंट मैनेजमेंट सेंटर के स्टाफ के सदस्य को कोरोना संक्रमण हो गया था।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में 24 घंटे में 1,351 नए मामले आने के बाद सोमवार को कुल संख्या 74,745 हो गई है। वहीं इसी अवधि में 4 नई मौतों के बाद कुल संख्या 481 हो गई है।

मंत्रालय के प्रवक्ता जागेश्वर गौतम ने जनता से आग्रह किया है कि वे महामारी को लापरवाही से न लें और वायरस से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी एहतियात बरतें क्योंकि देश में लगातार इसके मामले सामने आ रहे हैं।

--आईएएनएस

एसडीजे-एसकेपी

दुबई: आईपीएल-13 में सोमवार रात को मुंबई इंडियंस और रॉंयल चैलेंजर्स बेंगलोर के बीच मैच का फैसला सुपर ओवर में निकला। लेकिन ये पहली बार है जब जसप्रीत बुमराह सुपर ओवर में जीत नहीं दिला पाए। बेंगलोर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए एरॉन फिंच (52), देवदत्त पडिकल (54), अब्राहम डिविलियर्स (55) की बेहतरीन पारियों के दम पर 20 ओवरों में तीन विकेट खोकर 201 रनों का स्कोर खड़ा किया। जवाब में रोहित शर्मा की कप्तानी वाली मुंबई ने ईशान किशन (99) और केरन पोलार्ड (नाबाद 60) की बदौलत स्कोर बराबर कर लिया।

मैच का फैसला सुपर ओवर में निकला। मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात रन बनाए। बेंगलोर ने आठ रन बना जीत हासिल की। यह पहली बार है जब मुंबई के लिए बुमराह टीम को सुपर ओवर में जीत नहीं दिला सके।

इससे पहले 29 अप्रैल 2017 में बुमराह ने गुजरात लायंस के खिलाफ सुपर ओवर में 11 रनों का बचाव किया था। फिंच और ब्रैंडन मैक्कमल के सामने बुमराह ने सिर्फ छह रन दिए थे।

एक और मैच में 29 अप्रैल 2019 में बुमराह ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ भी सुपर ओवर किया था और सिर्फ आठ रन दिए थे। मुंबई ने तीन गेंदों पर नौ रन बना लिए थे।

--आईएएनएस

एकेयू-एसकेपी

आगरा: आगरा में जहां दो हफ्ते पहले कोविड के 148 मामले सामने आए थे, वहीं अब पिछले 24 घंटे में महज 69 मामले सामने आए हैं। मामलों में आई लगातार गिरावट ने महामारी से लड़ने की रणनीति पर कुछ संदेह पैदा कर दिया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आशावादी हैं और अपनी पीठ थपथपा रहे हैं।

वहीं कुछ निजी डॉक्टरों को संदेह है कि दैनिक परीक्षणों में कमी के कारण मामलों की संख्या घटी है। लेकिन अधिकारियों ने कहा कि जो भी परीक्षण के लिए आता है, उसका परीक्षण किया जाता है।

अभी रोजाना 2,000 से अधिक परीक्षण हो रहे हैं। केवल सरकार द्वारा संचालित दो केंद्रों को ही नमूने एकत्र करने की अनुमति दी गई है। अब भी निजी पैथोलॉजी लैब को परीक्षण की अनुमति नहीं दी गई है।

प्रारंभिक अनिच्छा के बाद कई निजी नसिर्ंग होम और क्लीनिक भी वापस सक्रिय हो गए हैं और गैर-कोविड रोगियों को स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं।

एक डॉक्टर ने कहा, "हम हर दिन सीख रहे हैं और पिछले छह महीनों के हमारे अनुभव अब काम आ रहे हैं। सिस्टम और प्रोटोकॉल सही तरीके से काम कर रहे हैं, लोगों में घबराहट कम है और लोग सतर्क और सहयोगी भी हैं।"

यहां के निवासी छोटी सी समस्या होने पर भी सतर्कता बरत रहे हैं। दयालबाग क्षेत्र के एक आवास परिसर में रहने वाली गृहिणी ऊषा देवी ने कहा, "हम कई महीनों से आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन कर रहे हैं और दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करते हैं।"

विजय नगर कॉलोनी के निवासी सुधीर गुप्ता ने कहा, "हमारे पड़ोस में लोग अपने आप ही प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं। थोड़ी सी सर्दी या खांसी होने पर लोग दवाइयां ले रहे हैं।"

आगरा में अब तक लिए गए कुल नमूनों की संख्या 1,85,002 है और इनमें पॉजिटिव आने वाले मामलों की संख्या 3.04 प्रतिशत है। वहीं रिकवरी दर 78 प्रतिशत से एक बार फिर 82.45 प्रतिशत हो गई है।

यहां अब तक सामने आए मामलों की कुल संख्या 5,630 है। इसमें से 4,642 मरीजों को रिकवरी के बाद छुट्टी दे दी गई है। संक्रमित रोगियों की मृत्यु दर 2.20 प्रतिशत है। सक्रिय मामलों की संख्या 864 है।

इस बीच स्थानीय पुलिस ने कोविड-19 दिशानिर्देशरें का उल्लंघन करने वालों के चालान काटे। जुर्माने के रूप में 4.47 लाख रुपये एकत्र किए गए हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने कहा कि लोगों को अब दूसरों के प्रति चिंता दिखाने और खुद को संक्रमण से बचाने के लिए मास्क पहनना सीखना चाहिए।

--आईएएनएस

एसडीजे-एसकेपी

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