ड्रग्स मामले में कन्नड़ फिल्म अभिनेत्री के घर की ली गई तलाशी
Friday, 04 September 2020 15:52

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बेंगलुरु: कर्नाटक सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) ने शहर के उत्तरी भाग में स्थित कन्नड़ फिल्म अभिनेत्री रागिनी द्विवेदी के घर पर छापा मारा। कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री में ड्रग मामले से कथित तौर पर अभिनेत्री के तार जुड़े होने की छानबीन के एक हिस्से के रूप उनके द्वारा यह तलाशी ली गई। पुलिस ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।

सीसीबी के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के.पी. गौतम ने यहां आईएएनएस को बताया, "रागिनी को हिरासत में नहीं लिया गया है, लेकिन हमारे ऑफिस में कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के ड्रग्स मामले में कथित तौर पर उनके तार जुड़े होने के बारे में पूछताछ की गई है और साथ ही यह भी जानकारी ली गई है कि क्या वह भी नारकोटिक ड्रग्स का सेवन करती हैं या नहीं।"

घर पर सीसीबी द्वारा तलाशी लेने की प्रक्रिया पूरी हो जाने के घंटों बाद अपने समन के अनुसार रागिनी एजेंसी के कार्यालय पहुंची।

बेंगलुरु के संयुक्त पुलिस आयुक्त संदीप पाटिल ने यहां पत्रकारों को बताया, "कोर्ट से सर्च वारंट लेकर एक महिला इंस्टपेक्टर समेत सीसीबी के 7 जांचकतार्ओं ने रागिनी के पूरे अपार्टमेंट की तलाशी लीं ताकि घर में बैन किए गए ड्रग्स के कुछ सुराग मिल जाएं।"

गौतम ने आगे बताया, "गुरुवार को हमारी जांच टीम के समक्ष उपस्थित होने में विफल रहने के चलते रागिनी हमारे दूसरे नोटिस के प्रतिक्रियास्वरूप ऑफिस पहुंची। पूछताछ अभी जारी है।"

सुबह से यह छानबीन जारी है। हालांकि पाटिल ने यह नहीं बताया कि क्या उनके घर से टीम के हाथ कोई गैरकानूनी चीज लगी है या नहीं। जांच के दौरान टीम ने सभी कमरों, रसोई, फूलों के गमले सहित हर चीज की बारीकी से तलाशी ली।

पाटिल ने कहा, "तलाशी लेने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस पर जानकारी दी जाएगी।" साथ ही उन्होंने इस बात की भी पुष्टि की कि 30 वर्षीय अभिनेत्री छानबीन के वक्त घर पर ही मौजूद थीं।

गुरुवार शाम को कथित तौर पर ड्रग्स की सप्लाई करने के लिए हिरासत में लिए गए रागिनी के दोस्त रवि शंकर से जानकारी मिलने के बाद टीम ने अभिनेत्री के यहां छापा मारा।

पाटिल ने कहा, "हमने वैसे उनके फ्लैट से चार मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त कर लिए हैं।"

पाटिल ने गुरुवार शाम को कहा, "शहर की पुलिस को स्थानीय अदालत से पूछताछ के लिए शंकर को पांच दिनों तक हिरासत में रखने की मंजूरी मिली है ताकि यह पता लगाया जा सकें कि प्रतिबंधित ड्रग्स की आपूर्ति वह किन्हें करता था।"

--आईएएनएस

एएसएन-एसकेपी

 

 

 

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