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सीबीआई ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मंत्री की पत्नी, अन्य के घरों की तलाशी ली
Tuesday, 15 September 2020 14:29

जम्मू/नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कठुआ जिले में वन्यभूमि पर अतिक्रमण मामले में जम्मू-कश्मीर में नौ स्थानों पर तलाशी ली है, जिसमें राज्य के पूर्व मंत्री चौधरी लाल सिंह की पत्नी कामता सिंह का घर भी शामिल है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

सीबीआई ने 25 जून को भूमि अतिक्रमण के आरोपों की जांच करने के लिए प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज की थी।

एजेंसी ने कहा कि उसने जांच शुरू करने के लिए मामले के औपचारिक पंजीकरण, जिसे एक नियमित मामला या प्राथमिकी के रूप में जाना जाता है, के साथ आगे बढ़ने के लिए उसने प्रथम दृष्ट्या इसेस संबंधित मैटेरियल पाए।

सीबीआई के एक प्रवक्ता ने दिल्ली में कहा, "सीबीआई की कई टीमें आरबी एजुकेशनल ट्रस्ट कार्यालय सहित नौ स्थानों पर, जम्मू में तीन और कठुआ में छह पर ट्रस्ट की चेयरपर्सन कामता सिंह के आवास और अन्य आरोपियों के आवास की तलाशी ले रही हैं।"

अधिकारी ने कहा कि एजेंसी ने कठुआ के तत्कालीन जिला कलेक्टर अजय सिंह जमवाल, मरहीन क्षेत्र के तत्कालीन तहसीलदार अवतार सिंह, तत्कालीन नायब तहसीलदार देशराज, तत्कालीन गिरदावर रामफल और तत्कालीन पटवारी सुदेश कुमार के घरों की भी तलाशी ली है।

सीबीआई के एक अधिकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर कृषि सुधार अधिनियम, 1976 के तहत निर्धारित सीलिंग के घोर उल्लंघन में आरबी एजुकेशनल ट्रस्ट के पास जमीन के बड़े हिस्से का कब्जा है।

यह भी आरोप लगाया गया कि 6 जून, 2015 को जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय में एक हलफनामा दायर किया गया था, जिसमें कठुआ में सेवा दे रहे लोक सेवकों द्वारा गलत जानकारी दी गई थी।

अधिकारी ने कहा कि रिट याचिका जम्मू में दायर की गई थी, ताकि पूर्व सांसद चौधरी लाल सिंह के पारिवारिक ट्रस्ट आरबी एजुकेशनल ट्रस्ट को फेवर किया जा सके।

अधिकारी ने कहा कि इस तरह का अतिक्रमण अभी भी जारी है और कठुआ में राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत के कारण राज्य की भूमि का बड़ा हिस्सा अतिक्रमणकारियों के कब्जे में है।

चौधरी लाल सिंह ने 2018 में कठुआ में 8 साल की बच्ची की दुष्कर्म-हत्या के बाद भाजपा छोड़ दी थी।

--आईएएनएस

वीएवी/एसजीके