अरुणाचल एनआईटी को इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी भवनों की सौगात
Monday, 26 October 2020 20:58

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नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने सोमवार को वीडियो कॉन्फेंसिंग के द्वारा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) अरुणाचल प्रदेश के नव निर्मित भवनों का उद्घाटन किया। इन भवनों में यॉत्रिक अभियॉत्रिकी भवन, जैव-प्रौद्योगिकी एवं रासायन अभियॉत्रिकी भवन, केंद्रीय उपकरण सुविधा और प्रतिक्रिया अभियांत्रिकी प्रयोगशाला शामिल हैं। इस अवसर पर अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) किरन रिजिजू, भी वीडियो कॉन्फेंसिंग द्वारा जुड़े।

एनआईटी अरुणाचल प्रदेश का स्थायी परिसर इटानगर से लगभग 27 किलोमीटर पूर्व में जोटे में स्थित है, जिसका निर्माण कार्य पिछले कुछ वर्षों से रुका हुआ था।

संस्थान के यांत्रिक अभियांत्रिकी भवन, जैव-प्रौद्योगिकी एवं रासायन अभियांत्रिकी भवन का निर्माण 17.405 करोड़ रुपये प्रत्येक की लागत से पूरा किया गया है। इन सभी भवनों में 7,143 वर्ग मीटर का निर्माण क्षेत्र है। प्रत्येक नव निर्मित भवन में कुल 360 व्यक्तियों की क्षमता के सात अध्यापन कमरे, आभासी कक्षा कमरा सहित नौ प्रयोगशालाएं, एक सभागार और 27 संकाय सदस्य केबिन शामिल हैं।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा, "एनआईटी अरुणाचल प्रदेश, राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है। इस प्रतिष्ठित संस्थान में संपूर्ण देश के छात्र अध्ययन कर रहे हैं। संस्थान ने यूपिया में अपने अस्थायी परिसर में बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करते हुए, कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क-2020 में सभी भारतीय अभियॉत्रिकी तथा प्रौद्योगिकी संस्थानों में 200वॉ स्थान प्राप्त किया है।"

डॉ. निशंक ने कहा, "शैक्षणिक संस्थानों, विशेष रूप से तकनीकी संस्थानों को अपने छात्रों के मन में एक वैज्ञानिक स्वभाव पैदा करना चाहिए। हमारे संस्थानों को ज्ञान के 'पिटारे' के रूप में काम करना चाहिए और युवा दिमाग को किताबी ज्ञान से परे सोचने के लिए प्रशिक्षित करना चाहिए। उनको किसी भी चुनौती को एक अवसर के रूप में स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए और कुल मिलाकर उन्हें एक अच्छा इंसान बनाना चाहिए।"

डॉ. निशंक ने कोरोना संकट काल में एनआईटी अरुणाचल प्रदेश द्वारा किए गए कार्यो की सराहना करते हुए कहा, "कोरोनावायरस के फैलने के एक महीने के भीतर ही एनआईटी अरुणाचल प्रदेश ने कम लागत वाली स्वचालित हस्त प्रक्षालक मशीन तथा जेल आधारित हस्त प्रक्षालक विकसित की। इसके अलावा यह संस्थान 53 संकाय सदस्यों के सहयोग से लगभग 800 छात्रों को स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर की शिक्षा प्रदान कर रहा है।"

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने सभी को नई शिक्षा नीति के बारे में, उसकी नीति एवं कार्यान्वयन के बारे में सभी को बताया और कहा कि "आज नए भारत के लिए हमारे लक्ष्य रोजगार सृजन, किसानों की आमदनी बढ़ाना, उन्नत भारत अभियान, स्किल इंडिया, स्वच्छ भारत, डिजिटल इंडिया, स्मार्ट सिटीज, मेक इन इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया आदि हैं। इन्हीं लक्ष्यों को ध्यान में रखते हमने प्राथमिक से लेकर उच्चतम स्तर की शिक्षा प्रणाली में बेहतरी के लिए नई शिक्षा नीति (एनईपी) लागू की है।"

--आईएएनएस

जीसीबी/एसजीके

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