रायपुर में जरुरतमंदों की भूख मिटाएगा 'डोनेशन ऑन व्हील्स'
Thursday, 09 April 2020 19:13

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कोरोना वायरस के संक्रमण के लिए उठाए गए एहतियाती कदमों के चलते रोज कमाने खाने वालों के सामने दो वक्त की रोटी का जुगाड़ मुश्किल हो चला है, इस वर्ग का कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे इस मकसद से घर तक राशन पहुंचाने के लिए 'डोनेशन आन व्हील्स अभियान' की शुरुआत की गई है। एक तरफ जहां दानदाताओं से सूखा राशन इकट्ठा किया जा रहा है तो दूसरी ओर उसे जरुरतमंदों के घर तक भेजा जा रहा है।

भोजन और राशन की समस्या सबसे कमजोर और गरीब तबके के सामने न आए इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर डोनेशन अन व्हील्स अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान में अनेक समाजसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठन हाथ बंटाने आगे आ रहे हैं।

बताया गया है कि दानदाताओं से राशन सामग्री के पैकेट एकत्र करने के लिए छह वाहन लगाए गए हैं। इन्हें शहर के मोहल्लों और कॉलोनियों में राशन सामग्री एकत्र करने भेजे जा रहे हैं। सामाजिक संस्थाओं, आम नागरिकों और दानदाताओं से कहा गया है कि वे राशन सामग्री के पैकेट तैयार कर अपने घर में रखें और जिला प्रशासन को सूचित करें। जिला प्रशासन द्वारा वाहन भेजकर इसे एकत्र कर जरूरतमंदों को वितरित करने का काम किया जाएगा।

खाद्यान्न सामग्री दान करने के इच्छुक व्यक्तियों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन द्वारा दो मोबाइल नम्बर जारी किए गए हैं। इसके साथ ही 'डोनेशन अन व्हील्स अभियान' के वाहनों के दिनवार और समयवार मोहल्लों में भ्रमण के रूट चार्ट तय किए गए हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वयं इस अभियान के लिए राशन सामग्री के 500 पैकेट और 11 हजार रुपये की सहायता राशि जिला प्रशासन को सौंपी। जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डा. गौरव कुमार सिंह ने कहा, "दानदाता पांच किलोग्राम चावल, दो किलोग्राम आटा, आधा किलोग्राम दाल, आधा किलोग्राम नमक व एक नग साबुन शामिल कर राशन पैकेट तैयार कर सकते हैं। "

डा. सिंह ने आईएएनएस से कहा, "दो दिनों में लगभग साढ़े तीन हजार पैकेट समाज के विभिन्न वगरें के दानदाताओं से इकट्ठा किए हैं, जिन्हें विभिन्न स्थानों पर जरुरत के मुताबिक वितरित किया जा रहा है।"

ज्ञात हो कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देशव्यापी लॉक डाउन है। इसके चलते तमाम औद्योगिक संस्थान बंद हैं, रोजगार पर संकट है। इस स्थिति में रोज कमाने और खाने वालों के सामने सबसे बड़ी समस्या आन खड़ी हुई है। इस समस्या के निदान में यह अभियान कारगर साबित होने की उम्मीद हर कोई कर रहा है। एक तरफ जहां दानदाताओं का साथ मिल रहा है वहीं राशन जरुरतमंदों के घरों तक पहुंचाया जा रहा है।

--आईएएनएस

 

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