बतौर मुख्यमंत्री लालू के शासनकाल पर भारी नीतीश कुमार का कार्यकाल
Sunday, 25 October 2020 13:37

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नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार को कट्टर प्रतिद्वंद्वी राजद सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के 15 साल के शासन के मुकाबले अधिक अंक मिले हैं। बिहार राज्य चुनाव पर शनिवार को जारी एबीपी-सी वोटर ओपिनियन पोल के अनुसार, उत्तरदाताओं को लालू प्रसाद के 15 साल के शासन और नीतीश कुमार के 15 साल के शासन के बीच तुलना करने के लिए कहा गया था।

उत्तरदाताओं से पूछे जाने पर कि किसका शासन बेहतर रहा है, इस पर 61.6 प्रतिशत ने कहा कि नीतीश कुमार का शासन बेहतर रहा है, जबकि 38.4 प्रतिशत ने लालू प्रसाद का समर्थन किया।

वहीं उनसे यह पूछे जाने पर कि क्या लालू प्रसाद के जेल में होने के कारण राजद को नुकसान होगा, इस पर मतदाता सहमत नहीं थे। करीब 54.5 प्रतिशत ने कहा कि ऐसा नहीं है, जबकि 45.5 प्रतिशत ने हां कहा।

हालांकि, लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी यादव के नेतृत्व को लेकर भी लगभग समान प्रतिक्रियाएं मिली। यह पूछे जाने पर कि क्या मतदाता तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री के लिए श्रेष्ठ मानते हैं, इस पर आधे या 50.2 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने ना कहा, जबकि 49.8 प्रतिशत ने संभावित मुख्यमंत्री के रूप में उनके नेतृत्व का समर्थन किया।

इन अटकलों को लेकर सवाल पूछे जाने पर कि चुनाव के बाद क्या चिराग पासवान राजद से हाथ मिलाएंगे या नहीं, इस पर सर्वेक्षण में 53.3 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि चुनाव के बाद राजद और लोजपा हाथ मिला सकते हैं, जबकि 46.7 प्रतिशत ने कहा कि नहीं ऐसा नहीं होगा।

सर्वेक्षण में 30,678 उत्तरदाताओं को शामिल किया गया, वहीं यह 1 से 23 अक्टूबर के बीच आयोजित कराया गया था। पिछले 12 सप्ताहों में कुल ट्रैकर के सैंपल की मात्रा 60,000 से अधिक है। इस सर्वे में सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया गया है और इसकी राज्य स्तर पर सटीकता में मार्जिन त्रुटि प्लस/माइनस 3 प्रतिशत और क्षेत्रीय स्तर पर प्लस/माइनस 5 प्रतिशत हो सकती है।

पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए मतदान प्रतिशत के अलावा लिंग, आयु, शिक्षा, ग्रामीण / शहरी, धर्म और जाति सहित ज्ञात जनगणना प्रोफाइल का डेटा भी सर्वेक्षण में शामिल किया गया है।

--आईएएनएस

एमएनएस-एसकेपी

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