असम की अदालत ने वीजा उल्लंघन मामले में 25 बांग्लादेशियों की रिहाई के आदेश दिए
Monday, 31 August 2020 07:44

  • Print
  • Email

ढाका: भारत के असम राज्य की एक अदालत ने उन 25 बांग्लादेशी नागरिकों को रिहा करने का आदेश दिया है, जो वीजा शर्तो के उल्लंघन के आरोप में मई से जेल में बंद हैं। एक मानवाधिकार कार्यकर्ता ने यह जानकारी दी।

'बांग्लादेश-इंडिया बॉर्डर विक्टिम रेस्क्यू कमेटी' के संयोजक अब्राहम लिंगकोन ने कहा कि इस मामले में प्रगति बांग्लादेश के एक अनुरोध के बाद देखने को मिला है।

लिंगकोन ने गुवाहाटी में बांग्लादेश के सहायक उच्चायुक्त तनवीर मंसूर के हवाले से कहा कि धुबरी की एक अदालत ने शनिवार को 25 बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ लगे आरोप हटा दिए और उन्हें रिहा करने का आदेश दिया।

कुरीग्राम की चिलमारी उपजिला के रहने वाले ये नागरिक पर्यटक वीजा पर भारत गए थे, लेकिन मछुआरों और कृषि श्रमिकों के रूप में काम कर रहे थे।

भारतीय पुलिस ने 3 मई को धुबरी से 26 बांग्लादेशी नागरिकों को उस समय गिरफ्तार किया था, जब वे अपने घर जा रहे थे। चंग्रबंधा पोस्ट के माध्यम से बांग्लादेश में प्रवेश करने का उनका इरादा था।

पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया और आरोप लगाया कि उन्होंने वीजा की शर्तों का उल्लंघन किया है, क्योंकि उनका वीजा उन्हें काम करने की अनुमति नहीं देता है। तब से, वे जेल में हैं, और उनमें से एक की 1 जुलाई को मौत भी हो गई।

इस बीच, बांग्लादेश के अधिकारियों ने उन्हें घर लाने की पहल की और भारत से उन्हें रिहा करने का अनुरोध किया। अनुरोध के जवाब में भारतीय अधिकारियों ने 25 बांग्लादेशियों के खिलाफ मामला वापस लेने का फैसला किया।

--आईएएनएस

वीएवी/एसजीके

Leave a comment

Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.