असम में 240 से अधिक आतंकवादियों ने समर्पण किया
Wednesday, 01 January 2020 11:01

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सिलचर (असम): पूर्वोत्तर राज्यों में आतंकवाद को समाप्त करने की कोशिशों में लगे सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। अधिकारियों का कहना है कि दक्षिणी असम के लगभग 242 आदिवासी गुरिल्लाओं ने अपने हथियार डाल दिए हैं और वे मुख्यधारा में लौट आए हैं। मीडिया को इसका खुलासा करते हुए असम राइफल्स और असम पुलिस के अधिकारियों ने करीमगंज में कहा कि विभिन्न स्थानीय संगठनों के 242 स्थानीय आदिवासी आतंकवादियों ने आठ दिसंबर से विभिन्न चरणों में दक्षिणी असम के करीमगंज और हैलाकांडी जिलों में असम राइफल्स और असम पुलिस के सामने समर्पण कर दिया है।

विभिन्न रियांग आदिवासी (एक आदिम जनजाति) संगठनों ने 150 विभिन्न प्रकार के हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद के साथ समर्पण किया है। इनमें चार एके-47 सीरीज की राइफलें, एक चीनी राइफल, तीन एम-20 पिस्तौल और 110 अन्य हथियार शामिल हैं।

असम पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "पुलिस और जिला अधिकारियों ने पिछले तीन वर्षों के दौरान कई बार इन आतंकवादियों के साथ बातचीत की है। अब विद्रोहियों ने अपने हथियार जमा किए और वे मुख्यधारा में लौट आए हैं। इसके साथ ही उनके द्वारा की जाने वाली हिंसक और आपराधिक गतिविधियां भी रुक गई है।"

अधिकारी ने कहा कि आतंकवादी पिछले एक दशक से मिजोरम, दक्षिणी असम और उत्तरी त्रिपुरा में अपहरण सहित हिंसक और आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं।

अधिकारी ने कहा, "चरमपंथियों की एक सत्यापन प्रक्रिया सोमवार और मंगलवार को असम राइफल्स और असम पुलिस द्वारा करीमगंज में आयोजित की गई थी। उनके पुनर्वास से पहले जल्द ही एक औपचारिक आत्मसमर्पण समारोह आयोजित किया जाएगा।"

असम छह पूर्वोत्तर राज्यों मिजोरम, त्रिपुरा, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के साथ सीमाएं साझा करता है।

--आईएएनएस

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