एनआरसी प्रक्रिया पर असम भाजपा को संदेह
Tuesday, 27 August 2019 15:46

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गुवाहाटी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की असम इकाई के अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने एनआरसी के प्रकाशन से चार दिन पूर्व सोमवार को कहा कि एनआरसी के त्रुटि रहित होने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ अवैध विदेशियों के नाम शामिल हो सकते हैं, जबकि वैध नागरिकों के नाम गायब हो सकते हैं। रंजीत कुमार दास ने कहा कि एनआरसी को जिस तरीके से अपडेट किया गया है, सत्ताधारी पार्टी उससे खुश नहीं है। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि एनआरसी त्रुटिरहित दस्तावेज होगा।" एनआरसी 31 अगस्त को प्रकाशित होने वाला है।

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पिछले सप्ताह स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में कहा था, "एनआरसी एक ऐतिहासिक दस्तावेज होगा, जिसमें न तो अवैध विदेशियों के नाम शामिल होंगे, और न किसी भी सही भारतीय नागरिक का नाम छूटेगा।"

राज्य भाजपा अध्यक्ष ने एनआरसी के समन्वयक प्रतीक हजेला की भी आलोचना की और कहा कि वह अपने सनक के अनुसार काम कर रहे हैं और इसका परिणाम एनआरसी में गलतियों के रूप में सामने आएगा।

दास ने उदाहरण देते हुए कहा कि असम आंदोलन के शहीदों के परिवारों के नाम एनआरसी से बाहर कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा, "एनआरसी प्रशासन ने एनआरसी अपडेशन कार्य में कई संदिग्ध विदेशियों के नाम शामिल कर दिए हैं। हमें पता चला है कि लोगों ने एनआरसी में अपने नाम शामिल करने के लिए जो दस्तावेज सौंपे थे, उनका कोई काउंटर वेरिफिकेशन नहीं किया गया है।"

दास का बयान मायने रखता है, क्योंकि राज्य 1951 के एनआरसी को अपडेट करने के लिए 2013 से ही कोशिश कर रहा है और इस पर 1,200 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुका है। इस पूरी प्रक्रिया में 55,000 से अधिक सरकारी कर्मचारी लगे हुए थे।

दास ने कहा कि यदि किसी भी सही भारतीय नागरिक का नाम एनआरसी से छूटता है तो पार्टी विधानसभा और संसद के जरिए एक कानून और संशोधन की मांग करेगी।

भाजपा अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ही आम लोगों से अपील की कि वे कोई अफवाह न फैलाएं और यदि किसी का नाम एनआरसी में छूट जाता है तो उसके लिए विदेशी नागरिक न्यायाधिकरण से संपर्क करें।

--आईएएनएस

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